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Thursday, June 27, 2019

सीतामढ़ी के जिलाधिकारी इंटरनेशनल ग्लोबल हेल्थ अवार्ड से सम्मानित किया गया।



एंकर--बढ़ती जनसंख्या को लेकर लोगों को जागरूक और जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर काम करने को लेकर सीतामढ़ी जिलाधिकारी डॉ रंजीत कुमार सिंह को इंटरनेशनल ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीस की ओर से सम्मानित किया गया. नेहरू भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.

डीएम को महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता के क्षेत्र में बेहतर काम करने को लेकर अवार्ड बेस्ट लीडर का सम्मान दिया गया. अपने अनुभव साझा करते हुए डीएम डॉ रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि 2018-19 में उन्होंने 1200 से ज्यादा पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य पूरा कर भारत में पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम को लेकर सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण ही उनका काम नहीं था बल्कि बंध्याकरण में महिलाओं को एक लंबी और कष्टदायक प्रक्रिया से निजात दिलाना भी था. जिसमें वह सफल हुए.

विश्व की जनसंख्या में वृद्धि के कारण बढ़ती गरीबी और पर्यावरण पर इसके बुरे प्रभावों को देखते हुए जनसंख्या वृद्धि की दर को कम करने का प्रयास किया जा रहा है. सीतामढ़ी ने एक नया कीर्तिमान हासिल किया है. फैमिली प्लानिंग और पापुलेशन कंट्रोल जैसे अभियान से लोगों को प्रेरणा लेकर प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए. को इंटरनेशनल ग्लोबल हेल्थ अवार्ड से सम्मानित किया गया।


एंकर--बढ़ती जनसंख्या को लेकर लोगों को जागरूक और जनसंख्या नियंत्रण के क्षेत्र में बेहतर काम करने को लेकर सीतामढ़ी जिलाधिकारी डॉ रंजीत कुमार सिंह को इंटरनेशनल ग्लोबल हेल्थ स्ट्रेटजीस की ओर से सम्मानित किया गया. नेहरू भवन में आयोजित इस सम्मान समारोह में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया.
डीएम को महिला सशक्तिकरण एवं लैंगिक समानता के क्षेत्र में बेहतर काम करने को लेकर अवार्ड बेस्ट लीडर का सम्मान दिया गया. अपने अनुभव साझा करते हुए डीएम डॉ रंजीत कुमार सिंह ने बताया कि 2018-19 में उन्होंने 1200 से ज्यादा पुरुषों की नसबंदी का लक्ष्य पूरा कर भारत में पहला स्थान हासिल किया है. उन्होंने बताया कि परिवार कल्याण कार्यक्रम को लेकर सिर्फ जनसंख्या नियंत्रण ही उनका काम नहीं था बल्कि बंध्याकरण में महिलाओं को एक लंबी और कष्टदायक प्रक्रिया से निजात दिलाना भी था. जिसमें वह सफल हुए.
विश्व की जनसंख्या में वृद्धि के कारण बढ़ती गरीबी और पर्यावरण पर इसके बुरे प्रभावों को देखते हुए जनसंख्या वृद्धि की दर को कम करने का प्रयास किया जा रहा है. सीतामढ़ी ने एक नया कीर्तिमान हासिल किया है. फैमिली प्लानिंग और पापुलेशन कंट्रोल जैसे अभियान से लोगों को प्रेरणा लेकर प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए.



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