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Wednesday, July 15, 2020

सत्तरघाट पुल का एप्रोच पथ ध्वस्त मामले को लेकर हाई कोर्ट मे दायर करेंगे जनहित याचिका --PIL एक्सपर्ट मणिभूषण सेंगर


पूर्वी चम्पारण को गोपालगंज से जोड़ने वाले गंडक नदी पर नवनिर्मित सत्तर घाट पुल का एप्रोच बाढ़ के पानी के तेज बहाव मे ध्वस्त हो गया। पूर्वी चम्पारण के केसरिया प्रखंड के ढेकहां के पास गंडक नदी पर लगभग 265 करोड़ रुपये की लागत से बने सत्तर घाट पुल का पिछले 16 जून को ही बिहार के CM नीतीश कुमार ने उद्घाटन किया था लेकिन उन्हें क्या पता था कि इतनी जल्दी भ्रस्टाचार की भेंट चढ़ जाएगा ये पुल...आप को बता दें कि एप्रोच ध्वस्त हो जाने से केसरिया से छपरा, गोपालगंज व सीवान जाने वाले पथ पर आवागमन ठप हो गया है।
 डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने बताया कि सत्तरघाट पुल का एप्रोच पथ गोपालगंज जिले की तरफ से टूटा है।  यह केसरिया की ओर से करीब डेढ़ किलोमीटर पर है। उन्होंने कहा कि पानी कम होने के बाद सड़क को दुरुस्त कराया जाएगा।बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अंतर्गत बने इस पुल का निर्माण बशिष्टा कंपनी ने कराया है। इस पुल में दोनों तरफ एप्रोच पथ है। इसका भी निर्माण बशिष्टा कंपनी द्वारा ही कराया गया है।
मात्र 1 महीना मे पुल के इस तरह ध्वस्त हो जाने पर पटना हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील व PIL एक्सपर्ट मणि भूषण प्रताप सेंगर ने कहा कि ऐसे गंभीर मामले को लेकर हम 2 दिनों मे जनहित याचिका दायर करेंगे...
और जहां तक मेरा अनुभव है कार्रवाई भी तय है।क्योंकि मैंने देखा है ऐसे लगभग पांच छह मामलों में मैंने जनहित याचिका दायर किया है ।और उन सबों में करवाई हुई थी।यह गोपालगंज का मामला है इस पुल का उद्घाटन अभी 1 महीने पूर्व हमारे माननीय मुख्यमंत्री जी ने किया था और सुनने में आया है कि यह पुल लगभग 300 करोड रुपए की लागत से बना है और 1 महीने में ही या पानी के बहाव में बह गया उद्घाटन के जस्ट 1 महीना के अंदर....
ठीक इसी तरह के दो मामले में मैंने पहले भी जनहित याचिका दायर किया था ।जिसमें कई अभियंता निलंबित भी हुए थे ।और कईयों पर कार्रवाई भी हुई थी। जैसे 2014 में बागमती नदी पर बना पुल मुजफ्फरपुर में ।और भागलपुर बटेश्वर बांध मामले में।
इसी तरह मुजफ्फरपुर में 2014 में जब बागमती नदी पर पुल बना था वह उद्घाटन के पहले ही पानी में बह गया था.....
ब्यूरो रिपोर्ट :राज कृष्णन :प्लस न्यूज़, पटना

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