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Sunday, February 13, 2022

शहर के मशहूर कारोबारी को श्रद्धापूर्वक याद किया गया

पटनासिटी...भारतीय संस्कृति के अनन्य उपासक तथा शहर के मशहूर कारोबारी स्व० पुरुषोत्तम दास रस्तोगी को श्रद्धापूर्वक याद करने के लिए संस्था पाटलिपुत्र परिषद् द्वारा श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। सभा का आयोजन मंगल तालाब स्थित पाटलिपुत्र खेल एवं सांस्कृतिक परिसर में संपन्न हुआ। सभा का शुभारंभ स्व० रस्तोगी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के साथ हुआ। इस अवसर पर शहर के विभिन्न वर्गों की भागीदारी हुई तथा वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व कृतित्व का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया ।गौरतलब है कि स्व० रस्तोगी इलाके में छोटे बाबू के मशहूर थे अपने व्यवहार और विचार के कारण सबसे इज्जत पाते थे।दर्जन- भर भाषाओं के ज्ञान के कारण वे छोटे बड़े सबके बीच बड़े मशहूर थे। चौक स्थित सोने -चांदी के अपने प्रसिद्ध दुकान -'जगमोहन लाल -शिवरत्न लाल' को उन्होंने अपनी व्यवहारकुशलता तथा विश्वसनीयता के कारण एक नया मुकाम दिलाया ।इसके साथ ही, संगीत सदन एवं संस्कार भारती सरीखे संस्थाओं को नेतृत्व देने के कारण उनका क्षेत्र में बहुत सम्मान था। सभा को संबोधित करते हुए विधानसभा में प्राक्कलन समिति के सभापति तथा पटना साहिब के विधायक नंदकिशोर यादव ने कहा कि स्व० रस्तोगी सर्वदा भारतीय सभ्यता -संस्कृति के प्रति निष्ठावान रहे।वे जिन मूल्यों और मान्यताओं के प्रति  निष्ठावान रहे उसका लाभ समाज एवं क्षेत्र को भरपूर मिला ।उनके सोचने और कार्य करने का तरीका अलग था। वह तरीका सहज था और प्रभावकारी भी।उन्होंने आगे कहा कि स्व०छोटे बाबू के विचार दीर्घकाल तक हम सबको प्रेरित और प्रोत्साहित करता रहेगा। 

      इस इस अवसर पर  अपने उद्गार व्यक्त करते हुए वरीय शिक्षाविद् तथा भारत विकास परिषद् के पूर्व अध्यक्ष वरीय शिक्षाविद् मोहन चतुर्वेदी ने कहा कि छोटे बाबू ने संघ के गुरु गोविंदनगर के संघचालक के रूप में 1970 से प्रायः डेढ़ दशक तक अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दी।इसी इसी तरह ,1992 में संस्कार भारती के पाटलिपुत्र शाखा के अध्यक्ष के रूप में तथा तदनंतर 1993 में संस्कार भारती के प्रदेश महामंत्री के रूप में अभूतपूर्व योगदान दिया।विदित हो कि स्व०रस्तोगी भारत विकास परिषद् ,सनातन धर्मसभा तथा नारायणी कन्या विद्यालय प्रबंधनकारिणी समिति को अपने ज्ञान एवं अनुभव का बखूबी लाभ दिया।  अन्य वक्ताओं में वरीय समाजसेवी शिव प्रसाद मोदी ने कहा कि स्व० रस्तोगी ने हरीशचंद्र वंशीय महासभा के पूर्वांचल शाखा के अध्यक्ष के रूप में भी समाज की भरपूर सेवा की तथा उसे समुचित मार्गदर्शन दिया। कला-संस्कृति के विकास एवं उन्नयन में दिए गए उनके बहुमूल्य योगदान को दृष्टिगत कर बिहार के महामहिम राज्यपाल सुंदर सिंह भंडारी तथा बाद में राज्य के राज्यपाल रहे एम० रामा जोइस द्वारा उन्हें 2004 में इस हेतु सम्मानित किया गया । उन्होंने आगे कहा कि स्व० रस्तोगी द्वारा लिखित पुस्तक 'संस्कृति दर्पण' की भी चर्चा की तथा कहा कि बिहार की कला- संस्कृति को इस पुस्तक में बखूबी समेटने-सहेजने का महत्वपूर्ण कार्य हुआ है। सभा में अन्य लोगों के अलावा वरीय समाजसेवी संजीव कुमार यादव , सुजीत कुमार कसेरा, मोहम्मद जावेद , संजय रॉय,बाबा विवेक द्विवेदी,शम्मी कपूर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।


      इस अवसर पर वरीय समाजसेवी ज्ञान प्रकाश, भगवती प्रसाद मोदी, आचार्य सत्यवीर श्रेष्ठ ,एडवोकेट धीरज कुमार सहगल, विकास कुमार मोरवाल ,मनोज कुमार पाठक सुशील कुमार बरिया, सतीशचंद्र कुमार ,राजकुमार नौगरैया, राजीव कुमार ,अंजनी कुमार आदि उपस्थित रहे।

     कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार सिंह ने तथा अध्यक्षता पाटलिपुत्र परिषद् के अध्यक्ष डॉ०त्रिलोकी प्रसाद गोलवारा ने की।          


       

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