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रविवार, सितंबर 25, 2022

एक महिला तथा 2 बच्चों की संदिग्ध स्थिति में मौत

 काराकाट थाना क्षेत्र के गोरारी बाजार में एक महिला तथा 2 बच्चों की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई। बताया जाता है कि पारिवारिक तनाव में घटना हुई है। महिला अर्चना देवी के सिर के पीछे चोट का निशान है। जबकि उनके दो बच्चे जिसमे एक लड़का रौनक 5 साल का था तथा अर्पिता नाम की लड़की 7 साल की थी। दोनों बच्चा जहर खाया हुआ प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने तीनों शव को बरामद कर लिया है तथा मृतक महिला के पति पृथ्वीराज के अलावे सास-ससुर को भी हिरासत में ले लिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही काराकाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई तथा छानबीन शुरू कर दी है। बता दें कि वर्ष 2012 में बिक्रमगंज के अर्चना की शादी गोरारी के पृथ्वीराज से हुई थी। जिन के दो बच्चे थे। मृतक महिला के मायके के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। परिजन का कहना है कि घर में पहले से पारिवारिक विवाद चल रहा है। एक साथ तीन मौत से पूरा इलाका सहन गया है। खासकर दो बच्चों की मौत से सभी लोग मर्महत हैं। पुलिस ने तीनों शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए सासाराम के सदर अस्पताल भेज दिया है।                                प्लस न्यूज़, सासाराम 




नोखा रेलवे स्टेशन पर एक वृद्ध का शव इंटरसिटी एक्सप्रेस में पाया गया। जिसके कारण लगभग एक घंटे तक रेल सेवा बाधित रहा।  शव को उठाने के लिए रेलवे के आरपीएफ, जीआरपी का कहना था कि  स्थानीय पुलिस की जिम्मेवारी है । जबकि स्थानीय पुलिस का कहना है कि यह ट्रेन में घटना हुई है। शव उठाने की  जिम्मेदारी रेलवे की है।  घटना के बारे में बताया जा रहा है कि नोखा रेलवे स्टेशन पर इंटरसिटी एक्सप्रेस रविवार को पहुची जहा पर  एक यात्री यात्रा कर रहा था जिसकी मौत ट्रेन में ही गई थी। यात्रा कर रहे हैं सवारियों ने इसकी सूचना स्टेशन मास्टर को दी। जहां पर स्टेशन मास्टर वीरेंद्र  कुमार द्वारा इसकी सूचना स्थानीय थाना और  आरपीएफ को दी गई। जिस पर आरपीएफ और जीआरपी ने  स्थानीय पुलिस 1 घंटे तक नोखा स्टेशन पर रेल रुकी रही। यात्री हंगामा करने लगे।  आनन-फानन में शव को स्टेशन के प्लेटफार्म उतारा  गया। उसके बाद ट्रेन पटना के लिए रवाना हुई। वही स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को इलाज कराने के लिए सूचना दी गई। जहां पर के एंबुलेंस भेज करके आरपीएफ के जवान द्वारा नोखा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉक्टर अजय प्रताप ने उसकी जांच करते हुए कहा कि इसकी मौत लगभग 6 घंटे पहले हो गई है। यहां पर कि स्थानीय पुलिस शव उठाने से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि रेलवे के काम है जिसके चक्कर में नोखा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में घंटों शव  पड़ा  रहा ।मृतक की पहचान औरंगाबाद जिले के धनवान गांव निवासी जगदीश चंद्र प्रसाद 63 वर्ष के रूप में की गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए  सासाराम भेज दिया गया।



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