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शनिवार, सितंबर 03, 2022

ओबीसी संघर्ष सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद पटेल की अध्यक्षता में बैठक सम्पन


पटना के IMA हॉल में ओबीसी संघर्ष सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुमुद पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में लिए गए 11 सूत्री माँगों को लेकर लिए गए फैसले को मीडिया को संबोधित करते हुए कुमुद पटेल ने बताया जिस प्रकार विशेषाधिकार का प्रयोग कर समान वर्ग की आबादी के अनुसार 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। ठीक उसी तरह संविधान के अनुच्छेद 15 (4) और 16 (4) में संशोधन कर ओबीसी के लिए मी 27 प्रतिशत अनुपाती आरक्षण को बढ़ाकर ओबीसी के आबादी के अनुसार 52 प्रतिशत किया जाए। बहुत आश्चर्य की बात है की भारत के 22 में से 13 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (NLU) में ओबीसी आरक्षण लागू नहीं है। ओबीसी आरक्षण जल्द से जल्द लागू किया जाए।

 कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बोला केंद्र की सरकार है। पूंजी प्ररस्त नीति खासकर देश के सारे महकर्मों को निजी हाथों में सौंपने के चलते रेल, बैंक, बीमाकर्मी हतप्रभ है और निजीकरण कर आरक्षण को समाप्त करने की साजिश है। इस साजिश को हम सब एकजुट होकर सरकार की साजिश को नाकाम करेंगें। छत्रपति शाहूजी महाराजए ज्योतिबा फूले सरदार पटेल, शहीद जगदेव बाबू, ललाई सिंह यादव, कर्पूरी ठाकुर, रामस्वरूप वर्मा, भीमराव अंबेडकर पोस्टर में लगे हुए अन्य महापुरूषों जैसे आत्माओं की सौंगंध खाई है। परिवर्तन की नई दास्तान लिखेंगें और आरक्षण को बचाएंगे। बिहार और देश में ओबीसी आरक्षण बचना और बचाना हैं तो संविधान को बचाना होगा। 


ओबीसी संघर्ष सेना के राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका भारती ने कहा की समाज की समस्या ही देश एवं राज्य की पुननिर्माण की समस्या है। ओबीसी आरक्षण में असंवैधानिक क्रीमीलेयर की बाध्यता को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए। राज्य की सरकार से हमारी मांग है। पंचायती एवं स्थानीय निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण लागू किया जाए। साथ ही बिहार के हर जिले में ओबीसी छात्रावास का निर्माण कराया जाए।


इन सभी मांगों को राज्य की सरकारें दो महीना के अंदर लागू करें। अगर लागू नहीं होता है तो ओबीसी समुदाय अब चुप नहीं बैठेंगें। सार्वजनिक व निजी क्षेत्र में ओबीसी के आबादी के अनुसार मागीदारी/बुलाने के लिए ओबीसी संघर्ष सेना प्रमुख के नेतृत्व में जन जागरण अभियान चलाये जायेंगे। आने वाले दिनों में अपनी माँग मनाने के लिए राज्य सरकार और केंद्र सरकार के खिलाफ आर पार लड़ाई करने को तैयार हूँ। परिवर्तन के लिए संघर्ष करती रहूंगी। संघर्ष छोडूंगी नहीं.. इस मौके पर नीतीश कुमार ओबीसी संघर्ष सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ऋचा चौधरी भी मौजूद रही...

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